सुरक्षित व शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा के लिए श्यामनगर रविंद्र भवन में पुलिस-प्रशासन की अहम बैठक

सुरक्षित व शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा के लिए श्यामनगर रविंद्र भवन में पुलिस-प्रशासन की अहम बैठक


अराजकता फैलाने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाली पूजा समितियों पर होगी सख्त कार्रवाई


पूजा पंडालों में डीजे पर रोक, सुरक्षा और अग्निशमन मानकों के पालन पर जोर


विशेष संवाददाता, श्यामनगर

23 सितंबर 2026


श्यामनगर: आगामी दुर्गा पूजा उत्सव 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को श्यामनगर के रवींद्र भवन प्रेक्षागृह में पुलिस-प्रशासन की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।


जगद्दल थाना की पहल और बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की देखरेख में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में पुलिस-प्रशासन के साथ दमकल विभाग और विद्युत विभाग से जुड़े अधिकारियों ने पूजा समितियों को सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।


बैठक में मौजूद रहे परिवहन एवं श्रम मंत्री अर्जुन सिंह और विधायक राजेश कुमार



बैठक में पश्चिम बंगाल सरकार के परिवहन एवं श्रम मंत्री अर्जुन सिंह तथा जगद्दल के विधायक राजेश कुमार भी मौजूद रहे। अर्जुन सिंह को 2026 में राज्य सरकार में परिवहन और श्रम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।


बैठक के दौरान पूजा समितियों से दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित करने तथा पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई।


पुलिस-प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली पूजा समितियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर


बैठक में पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। बड़े और मध्यम आकार के पंडालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते रखने पर जोर दिया गया।


पूजा समितियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि पंडाल परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की पर्याप्त व्यवस्था हो।


अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य


दमकल विभाग की ओर से पूजा पंडालों में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। पंडालों में पर्याप्त अग्निशामक यंत्र, पानी और रेत जैसी आवश्यक व्यवस्था रखने पर जोर दिया गया।


इसके अलावा पंडाल और आसपास की विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा जांच कराने तथा बिजली की वायरिंग को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार रखने की बात कही गई।


डीजे और तेज आवाज पर सख्ती


बैठक में ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी पूजा समितियों को दिशा-निर्देश दिए गए। पूजा के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर रोक तथा निर्धारित नियमों के अनुसार ही लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।


हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में हुई पुलिस-प्रशासन की पूजा बैठकों में भी डीजे को लेकर समितियों को चेतावनी दी गई है।


स्वयंसेवकों की भूमिका पर जोर


पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। पूजा समितियों से अपने स्वयंसेवकों की सूची स्थानीय पुलिस के साथ साझा करने तथा आपात स्थिति में पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की अपील की गई।


विसर्जन को लेकर भी चर्चा


विजया दशमी के बाद होने वाले प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। विसर्जन के दौरान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।


पुलिस की ओर से विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।


संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखने पर तुरंत दें सूचना


बैठक के दौरान पूजा समितियों से अपील की गई कि पंडाल या उसके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति अथवा लावारिस वस्तु दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में स्वयं कार्रवाई करने के बजाय पुलिस और प्रशासन को जानकारी देने की सलाह दी गई।


प्रशासन ने की सहयोग की अपील


बैठक के अंत में पुलिस-प्रशासन ने सभी दुर्गा पूजा समितियों से अपील की कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें और सरकारी नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें।


प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।


पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


महत्वपूर्ण सूचना


पश्चिम बंगाल सरकार के SAHAJ पूजा अनुमति पोर्टल के अनुसार 2026 की दुर्गा पूजा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू हुई है और 12 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी।

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