कंगाली घाट में दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर हलचल गाँव थीम.

कंगाली घाट में दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर हलचल गाँव थीम. 


गारुलिया के कंगाली घाट में दुर्गा पूजा के अवसर पर इस वर्ष का थीम "हलचल गाँव" रखा गया है। पूजा समिति के 62वें वर्ष में प्रवेश के साथ आज इस भव्य पंडाल का शुभ उद्घाटन किया गया। स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक इसमें हिस्सा लिया और पूजा पंडाल की थीम को सराहा।



दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो देवी दुर्गा की बुराई पर विजय का प्रतीक है। इस त्योहार में देवी दुर्गा की नौ विभिन्न रूपों में पूजा की जाती है, जो शक्ति, साहस और वीरता की प्राप्ति का प्रतीक है।




दुर्गा पूजा के महत्वपूर्ण पहलू


नवदुर्गा : देवी दुर्गा के नौ विभिन्न रूप, जो शक्ति और साहस का प्रतीक हैं।

पंडाल: अस्थायी संरचनाएं, जिनमें देवी दुर्गा की मूर्तियों को रखा जाता है और सजाया जाता है।

संधि पूजा : अष्टमी और नवमी के संक्रमण के दौरान की जाने वाली पूजा, जो देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है।

विसर्जन : दुर्गा पूजा के अंतिम दिन, जब देवी दुर्गा की मूर्ति को जल निकाय में विसर्जित किया जाता है, जो उनके दिव्य निवास में वापसी का प्रतीक है।


कंगाली घाट की दुर्गा पूजा समिति ने इस वर्ष भी आकर्षक पंडाल और प्रतिमा के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है। स्थानीय लोगों ने पूजा पंडाल की थीम को सराहा और समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष की दुर्गा पूजा में विशेष आयोजन और आकर्षक सजावट की गई है 





                            Advertisement 






Comments

Popular posts from this blog

गारुलिया में International Women's Day पर खास कार्यक्रम, छात्राओं को किया गया सम्मानित

जूनियर मिस इंडिया 2025–26 में अद्रिति रजक ने किया शहर का नाम रोशन

गारुलिया: शेखर चौधरी उर्फ बंटी के परिवार से मिले अर्जुन सिंह, 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद